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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं। उनकी हर गतिविधि ट्विटर पर प्रतिबिम्बित होती हैं। उनकी इस गतिविधि से मास मीडिया को बहुत सुविधा होती हैं। प्रधानमंत्री के ट्वीट पर ही कई न्यूज चैनल खबरोें के बड़े-बड़े पैकेज चला देते हैं और तो और जहां प्रधानमंत्री कोई ट्वीट नहीं करते, वहां भी खबरें तो बनती ही है। रोहित वेमुला के मामले को ही लें। प्रधानमंत्री ने रोहित की आत्महत्या पर कोई ट्वीट नहीं किया, तो तरह-तरह की खबरें बनाई गई। दिलचस्प बात यह है कि प्रधानमंत्री के यह ट्वीट दुनिया के लगभग सभी प्रमुख नेताओं तक पहुंचते हैं और उनकी प्रतिक्रिया वैश्विक होती हैं।

श्री श्री रविशंकर और उनकी संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के सदस्य सोशल मीडिया का जितना अच्छा इस्तेमाल कर रहे है, शायद ही कोई कर पा रहा हो। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में बुधवार की शाम विश्व संस्कृति महोत्सव के मामले में अपना क्लीयरेंस देने के साथ ही जैसे ही पांच करोड़ रुपए के जुर्माने का फैसला सुनाया, उसके कुछ ही मिनट में श्री श्री रविशंकर ने ट्वीट किया ‘‘हम इस निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं। हम अपील करेंगे। सत्यमेव जयते!’’ देखते ही देखते यह संदेश दुनियाभर में फैले उनके करोड़ों भक्तों तक पहुंच गया और इस संदेश को हजारों लोगों ने रि-ट्वीट और लाइक किया। शाम होते-होते सभी प्रमुख न्यूज चैनल्स पर श्री श्री रविशंकर का पक्ष ब्रेकिंग न्यूूज में चल रहा था।

फुटबॉलर क्रिस्टिआनो रोनाल्डो दुनिया के पहले एथलिट हो गए हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर लोकप्रियता का चरम छुआ हैं। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके फॉलोअर्स की संख्या बढ़कर 200 मिलियंस यानि 20 करोड़ से भी अधिक हो गई है। सन् 2014 में ही फेसबुक पर उनके फॉलोअर्स की संख्या 100 मिलियंस यानि 10 करोड़ से अधिक थी। इस 20 करोड़ी ग्रुप में जस्टिन बीबर और टेलर स्विफ्ट पहले ही शामिल हैं। बॉलीवुड के 100 करोड़ी क्लब की तरह 20 करोड़ी ग्रुप का अपना खासा महत्व है।

मीडिया की सभी प्रमुख साइट्स पर भारतीय लोकतंत्र के बारे में कुछ न कुछ प्रमुखता से आया। ब्लॉग, ट्विटर, फेसबुक, यू-ट्यूब, गूगल प्लस, लिंक्डइन आदि तमाम साइट्स पर जेएनयू विवाद और जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी छाई रही। छात्र नेता को निचली अदालत में पेश किए जाने के दौरान वकीलों द्वारा की गई मारपीट भी प्रमुख मुद्दा बनी। यह कहा गया कि काले कोट वाले सभी वकील और न्याय के रक्षक नहीं होते।

सोशल मीडिया के बुद्धिजीवियों और भक्तों के बीच चल रहे विवाद में मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी नई महारथी बनकर उभरी हैं। जेएनयू मामले में संसद में दिए गए इनके 48 मिनिट के भाषण सोशल मीडिया पर भी छा गए है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मृति ईरानी के भाषण के बाद ट्विटर पर लिखा- ‘सत्यमेव जयते! स्मृति ईरानी का यह भाषण सुनिये’। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने यू-ट्यूब पर जारी स्मृति ईरानी के भाषण का लिंक भी अटैच कर दिया। देखते-देखते यह संदेश वायरल हो गया और कुछ ही घंटों में इसे लाइक करने वाले 14 हजार और रि-ट्वीट करने वाले 11 हजार से अधिक हो गए।

भारतीय संसद पर हमले के अपराधी अफजल गुरू की फांसी की बरसी पर दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कुछ तथाकथित छात्रों ने भारत विरोधी नारे लगाए। एबीवीपी के छात्रों ने इसका विरोध किया, तब जमकर उत्पाद हुआ। अफजल गुरू की याद में भाषण दिए गए और अफजल गुरू जिंदाबाद के साथ ही पाकिस्तान जिंदाबाद और भारत मुर्दाबाद के नारे भी लगे। हद तो तब हो गई, जब कुछ लोगों ने यह नारे लगाए-
‘‘कश्मीर की आजादी तक, जंग रहेगी... जंग रहेगी।
भारत की बर्बादी तक, जंग रहेगी... जंग रहेगी’’