
जेम्स बांड की फिल्मों का अपना ही मजा है। वहां कुछ सोचने समझने की जरूरत नहीं पड़ती। अगर फिल्म हिन्दी में डब की गई नहीं हो, तब भी कोई फर्क नहीं पड़ता। जेम्स बांड 007 की नई फिल्म स्पेक्टर भी इसी कड़ी की चौबीसवीं फिल्म है। मैक्सिको, ब्रिटेन, आस्ट्रिया, इटली आदि देशों में फिल्माई गई इस फिल्म में वह सब मसाले है, जो जेम्स बांड की फिल्मों में होते हैं। शानदार मारकाट, दुनियाभर की लोकेशन्स, कारों, हेलीकाप्टरों, हवाईजहाजों के करतब, जमीन, आकाश और पानी में होने वाली लड़ाइयां और हीरो-हीरोइन के चुम्बन दृश्य। स्पेक्टर में भारतीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने कैंची चला दी और चुम्बन के दृश्यों को छोटा करवा दिया। इसके विरोध में फिल्म के कारोबारी लामबंद हो गए और फिल्म प्रमाणन बोर्ड के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया। यह फिल्म देखने के बाद ऐसा बिलकुल नहीं लगता कि चुम्बन के दृश्य छोटे होने से फिल्म की कहानी प्रभावित होती है। चुम्मा-चाटी तीन मिनिट न होकर 10-20 सेकंड हो तो दर्शकों के एक वर्ग को निराशा होना स्वाभाविक है।

भारत में यह फिल्म 20 नवंबर को रिलीज हुई, जबकि ब्रिटेन में 26 अक्टूबर और यूएसए सहित अन्य देशों में 6 नवंबर को रिलीज हो चुकी है। फिल्म ने अब तक शानदार कमाई की है। भारत में भी पहले ही दिन सिनेमाघर लगभग हाउसफुल रहे। चीन में भी इस फिल्म ने अच्छा कारोबार किया। भारत में यह फिल्म हिन्दी सहित तीन भाषाओं में डब करने के बाद प्रदर्शित की गई है। 20 नवंबर को बॉलीवुड की कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई, इसका फायदा भी इस फिल्म को हुआ।
स्पेक्टर में जेम्स बांड की भूमिका डेनियल क्रेग ने निभाई है। यह उनकी चौथी फिल्म है, जिसमें वे जेम्स बांड बने है। फिल्म की शुरूआत मैक्सिको के डे ऑफ द डेड नामक वार्षिक परेड से होती है, जिसमें लोग भूतों जैसे मास्क पहनकर रैली निकालते है। नाच-गाना भी होता है। 6 मिनिट के इस शुरूआती दृश्य में ही भरपूर एक्शन देखने को मिलती है, जिससे फिल्म में दर्शकों की रूचि बढ़ जाती है। जेम्स बांड 007 जिस मिशन पर है, उस मिशन में उसे अनेक हैरतअंगेज कारनामों को अंजाम देना होता है। इन कारनामों में आतंकवादियों की एक लम्बी शृंखला को तोड़ना भी शामिल है। यह फिल्म ऐसे समय पर प्रदर्शित हुई है, जब पेरिस में आतंकी हमले हुए और आतंकवाद के प्रति लोगों में घृणा बढ़ गई।
स्पेक्टर जेम्स बांड सीरिज की सबसे महंगी फिल्म है। इसके पहले आने वाली इसी सीरिज की स्काईफाल से भी करीब 25 प्रतिशत महंगी। सीएनएन की एक खबर के मुताबिक इस फिल्म की लागत करीब 30 करोड़ डॉलर (करीब दो हजार करोड़ रुपए) है। इतने में तो रोहित शेट्टी शानदार 20 फिल्में बना सकते है। फिल्म कारोबारियों के अनुसार भारत में रिलीज होते-होते यह फिल्म अपनी लागत से दोगुना व्यवसाय कर चुकी थी।

स्पेक्टर का अर्थ है प्रेत छाया। यह एक मिशन का नाम है। जेम्स बांड इस फिल्म में आतंकियों के चक्र को खत्म करने के अभियान में लगा रहता है, जिसमें उसकी मुलाकात जानलेवा इत्तेफाकों और हसीनाओं से होती है। सारा का सारा कथाक्रम इस तेजी से चलता है कि दर्शकों का ज्यादा सोचने का मौका ही नहीं मिलता। यह फिल्म समझने के लिए नहीं सिर्फ देखने के लिए है। दो घंटे 26 मिनिट की यह रोमांचक फिल्म अनेक तेजी से बदलते घटनाक्रमों से गुुजरती है। हेलीकॉप्टर के इतने हैरतअंगेज एक्शन शायद ही किसी फिल्म में आए हो। जेम्स बांड की पसंदीदा एस्टन मार्टिन कार के जौहर भी खूब दिखाए गए है। यह कार जितनी सड़क पर चलती है उतनी ही आकाश में भी उड़ती है। हर तरह के हालात से निपटने के साधन इसमें है। इसके अलावा घड़ी, बंदूक, कम्प्यूटर आदि के भी नए-नए उपयोग इस फिल्म में देखने को मिलेंगे।
इस फिल्म के निर्देशक सैम मेंडेस है, जो अनेक अवार्ड जीत चुके है। डेनियल व्रेâग के साथ यह उनकी दूसरी फिल्म है। इस फिल्म में तीन मिनिट के एक दृश्य में हॉलीवुड की अभिनेत्री मोनिका बेलुची भी है। हालांकि मुख्य अभिनेत्री रेल्फ फीयेंस ही है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के एक पहलवान को भी खलनायक के एक रोल में लिया गया है, जो जिंदा आदमी की आंखें निकाल लेता है।
कुल मिलाकर शानदार टाइम पास फिल्म है। आप इसे किसी भी भाषा में देखें, पैसे वसूल हो जाते है।