
सुल्तान को ‘स्पोर्ट्स ड्रामा’ फिल्म कहा गया है, पर यह पहलवान युवक और पहलवान युवती की रोमांटिक कहानी है। यशराज की रोमांटिक पैसा वसूल फिल्म। इस फिल्म में तीन हीरो हैं सलमान, अनुष्का और फिल्म की कहानी। सलमान और अनुष्का दोनों ने ही शानदार अभिनय किया है। फिल्म की शुरुआत प्रो-टैक डाउन मुकाबले की रिपोर्टिंग करती आजतक की एंकर रिपोर्टर अंजना ओम कश्यप से होती है और बाद में फिल्म फ्लैशबैक में चली जाती है। ईद पर परिवार के साथ देखी जा सकने वाली इस फिल्म के पाकिस्तान में अगले पांच दिनों के लिए सभी शो हाउसफुल है। चर्चा है कि यह फिल्म बजरंगी भाईजान का रिकॉर्ड तोड़ सकती है। इंटरनेट पर यह फिल्म लीक हो चुकी है और विदेश में इसे धड़ल्ले से डाउनलोड करके देखा जा रहा है।

फिल्म देखकर यही कहा जा सकता है कि यशराज बैनर को रोमांटिक फिल्म बनाने का हक है। इस फिल्म में इंटरवल के पहले मस्ती और धमाल है और इंटरवल के बाद इमोशनल ड्रामा। सलमान खान ने इस फिल्म में जिस तरह की पहलवानी दिखाई है, वह जबरदस्त है। भारत में मिट्ठी की कुश्ती के चाहने वाले करोड़ों हैं और उन सभी को यह फिल्म पसंद आएगी। किसान और पहलवान दोनों के लिए मिट्टी का अपना महत्व है। उनका खून मिट्टी में मिला होता है और मिट्टी उनके खून में। इसी बात को फिल्म के टाइटल सांग में दिखाया गया है।

इस फिल्म में सलमान तो पहलवान है ही, अनुष्का भी पहलवान हैं। दोनों मुस्लिम समुदाय के है और हरियाणा के रेवाड़ी जिले के करोली गांव के। फिल्म में दिखाया गया है कि लड़का-लड़की में कोई भेदभाव नहीं है और हरियाणा में यह बात साबित हो चुकी है, जहां लड़का-लड़की दोनों अखाड़े में वर्जिश करते और कुश्ती लड़ते भी देखे जा सकते है, उसी हरियाणा में जिसे लड़कियों के मामले में बेहद दकियानूस कहा जाता है।

सलमान और अनुष्का के अलावा फिल्म में रणदीप हुडा और परीक्षित साहनी भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। रणदीप हुडा सलमान के कुश्ती के गुरू बने हैं। पहले यह रोल सिल्वेस्टर स्टालोन और बाद में संजय दत्त के लिए था, लेकिन रणदीप हुडा ने अंत में यह भूमिका निभाई। ‘काई पो छे’ फिल्म के अमित साध ने भी फिल्म में प्रमुख भूमिका निभाई है। अनुष्का ने इस फिल्म के लिए पहलवानी का बाकायदा प्रशिक्षण लिया और अच्छे दांव-पेंच दिखाए। सलमान और अनुष्का दोनों ने हरियाणवी बोलने की कोशिश की है और काफी हद तक सफल रहे हैं। फिल्म के गाने दिलचस्प है और अच्छा मनोरंजन करते है। फिल्म की लोकेशन अद्भुत है।

सुल्तान में अनेक मजेदार प्रसंग है, साथ ही शानदार एक्शन और भावनात्मक चित्रण भी है। निर्देशक अली अब्बास जाफर ने कई मौके पर अपनी हाजिरी दर्ज कराई है। मिट्टी के अखाड़े की मिट्टी पहलवान के लिए कितनी पवित्र है, इसे भी प्रतीकात्मक रूप से दिखाया गया है और एक दृश्य में जब सलमान अपना गांव छोड़कर दिल्ली जा रहे होते है, तब वे अपने अखाड़े की मिट्टी एक कपड़े के थेले में अपने साथ ले जाते है। दिल्ली में प्रो-टेक डाउन मुकाबले के अंतिम दौर में सलमान मुकाबला हारते से लगते है, तब थेले से अखाड़े की वह मिट्टी जमीन पर रेत की तरह गिरती दिखाई जाती है। जैसे ही अनुष्का उस मिट्टी को नीचे गिरने से रोकती है, सलमान खान में चैतन्य आता है और वे बाजी जीत जाते हैं। ऐसे अनेक दृश्य है, जहां प्रतीकों में बात कही गई है।

फिल्म की शुरूआत में महबूबा एंड महबूबा केबल के संचालक के रूप में सलमान ने अच्छा मनोरंजन किया है। फिल्म में पतंग लूटने के दृश्य भी यादगार है और उस दौरान सलमान के एक्शन सीन हैरतअंगेज हैं। एक पहलवान की लड़की, पहलवान अनुष्का के प्रेम में पड़कर सलमान भी पहलवान बन जाते हैं। फिल्म में एक डायलॉग बार-बार आता है कि असली पहलवान वो नहीं, जो अखाड़े में जीतता है, असली पहलवान वह है, जो जिंदगी की जंग जीतता है। पहलवान की असली लड़ाई किसी दूसरे पहलवान से नहीं, अपने आप से होती है। स्टार पहलवान बनने के बाद सीधे-सादे सलमान ने जो फेरबदल होता है, वह उसे अनुष्का से दूर ले जाता है, लेकिन जैसा कि हिन्दी फिल्म में होता है, इस फिल्म में भी हुआ। हीरो हमेशा अजेय होता है और हीरोइन अंतत: उसी के पास आती है।
बहुत दिनों के बाद कोई पैसा वसूूल फिल्म आई है। इसी परिवार के साथ देखा जा सकता है। फिल्म में दर्शकों का उत्साह भी देखने लायक होता है। ईद का मौका, सलमान और अनुष्का की जोड़ी और यशराज बैनर की रोमांटिक फिल्म। ईद के मौके पर मनोरंजन के लिए और क्या चाहिए?