
भारतीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने जेम्स बांड की नई फिल्म स्पेक्टर के चुम्बन दृश्यों में कांट-छांट क्या कर दी; एक खास वर्ग के लोगों को इसे तूल देने का मौका मिल गया। यह फिल्म देखने के बाद में कह सकता हूं कि इस फिल्म में चुम्बन के दृश्य छोटे कर देने से कहानी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। हां, यह बात जरूर है कि एक खास वर्ग के लोग जो जेम्स बांड की फिल्में चुम्मा-चाटी की वजह से देखते है, वे थोड़े निराश जरूर हुए होंगे। सोशल मीडिया पर ‘संस्कारी जेम्स बांड’ सीरिज ही शुरू हो गई। इसमें प्रेरणा का काम उन लोगों ने किया, जिनके इस फिल्म से हित जुड़े हुए थे। एक से बढ़कर एक लतीफे और फोटोशॉप की हुई तस्वीरें इस संस्कारी जेम्स बांड के नाम की जाने लगी। जिस तरह आलोक नाथ और आलिया भट्ट के लतीफे सोशल मीडिया पर आम हो गए थे, वैसे ही जेम्स बांड के भी होने लगे।

पता नहीं, इस सबका जेम्स बांड की फिल्म पर क्या असर पड़ा, लेकिन यह तय है कि इससे सोशल मीडिया पर लोगों को एक नया मुद्दा मिल गया, जिसमें लोगों ने अपनी हास्यबोध क्षमता का खुुलकर प्रदर्शन किया। एक से बढ़कर एक तस्वीरें भी पोस्ट की जाने लगी।

लोगों ने ट्वीट किए कि- ‘यह जेम्स बांड संस्कारी है। यह वोदका मार्टिनी में गंगाजल मिलाकर ही पीता है’।
एक अन्य व्यक्ति ने लिखा- ‘अपने मिशन पर जाने से पहले यह संस्कारी जेम्स बांड हनुमान चालीसा का पाठ करता है’।
- ‘इस जेम्स बांड की हीरोइनों के नाम है- आरती, पूूजा, अर्चना, संस्कृति आदि-आदि’।
- ‘यह जेम्स बांड कार दौड़ाने की बजाय योगा पर ज्यादा ध्यान देता है’।
- ‘यह जेम्स बांड यह नहीं कहता कि माय नेम इज बांड, जेम्स बांड। वह कहता है आदरणीय हमारा पिछला नाम है बांड और पूरा जेम्स बांड।’
- ‘यह जेम्स बांड अपने गले में रक्षा कवच पहनता है और अंगुली में मूंगे वाली अंगूठी।’
- ‘यह जेम्स बांड शराब नहीं, गोमूत्र का आचमन करता है’।
- ‘इस जेम्स बांड को आलोक नाथ 007 नहीं 00ओम कहकर पुकारते है।’
- ‘जेम्स बांड के भारतीय रोल में भारत भूषण जैसे कलाकार एकदम सही भूूमिका निभा सकते है।’
- ‘संस्कारी जेम्स बांड लोगों के घरों में छापा मारता है और उनके फ़्रिज़ तलाश करता है कि कहीं उनमें गोमांंस तो नहीं रखा है।’
- ‘यह जेम्स बांड बाबा रामदेव की पतंजलि द्वारा बनाई च्वींगम खाता है।’
- ‘यह जेम्स बांड शुद्ध हिन्दी बोलता है और इसके मोबाइल का लॉक स्वास्तिक के पैटर्न से खुलता है।’
- ‘यह जेम्स बांड अपने दुश्मनों को बंदूक से नहीं त्रिशूल से मारेगा।’
- ‘यह जेम्स बांड जब भी कार खरीदता है, उसे खजराना गणेश मंदिर ले जाता है।’
- ‘यह जेम्स बांड अपने माथे पर शिवजी की भभूत लगाता है।’
- ‘इस जेम्स बांड को अपने रिवाल्वर के लायसेंस के लिए 19 फॉर्म भरने पड़ेंगे और 6 बाबूओं को रिश्वत देनी पड़ेगी।’
- ‘यह जेम्स बांड अपना जातिसूचक सरनेम नहीं लगाता। इसे बताना होगा कि यह जनरल केटेगरी का है या एससी, एसटी, ओबीसी का।’
- ‘यह जेम्स बांड अंतरजातीय या अंतरधर्मीय गर्लफ्रेंड की चक्कर में नहीं पड़ता।’
- ‘यह जेम्स बांड मंगलवार को सुुरा नहीं छूता।’
- ‘यह जेम्स बांड मंगलवार को शेव नहीं बनाता।’
- ‘यह जेम्स बांड खलनायकों की पिटाई करने से पहले बांड गर्ल को दुपट्टा ओड़ाता है।’
- ‘इस फिल्म के चुम्बन दृश्य काटने के बाद फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने अपना नाम बदलकर पहले लाज निहलानी रख लिया है।’
- ‘अब जेम्स बांड अपना नाम इस तरह बताता है- माय नेम इज बांड, जेम्स बांड सन ऑफ श्री राधेश्याम बांड।’
- ‘इस फिल्म से चुम्बन के दृश्य इसलिए काटे गए कि डेनियल क्रेग पतंजलि का दंत मंजन नहीं वापरता।’

इस तरह के कमेंट्स लगातार आने से स्पेक्टर फिल्म का प्रचार मुफ्त में हो गया और लोग इस जिज्ञासा में भी फिल्म देखने जाने लगे कि देखें तो सही कि कितने चुम्बन के दृश्य इस फिल्म में बचे हैं।