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३६ साल पहले हम गांधीजी से बिछुड़ गए थे। वह देश के बापू थे, पर जो लोग उनसे खून का रिश्ता रखते थे या रखते हैं, आजकल वे क्या कर रहे हैं? वे क्या-क्या हैं, यह पूरे तौर पर जानना तो मुश्किल है, लेकिन जितना हम जान पाए, वह दिलचस् जरूरी है। गांधीजी के चार बेटे थे- हरिलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास। गांधीजी खुद भले ही राष्ट्रभाषा या क्षेत्रीय भाषाओं की वकालत करते रहे हों- उनके सभी बेटों की अनौपचारिक या औपचारिक तालीम अंग्रेजी में हुई।

गांधीजी ने खुद अपने बेटों के लिए कोई रास्ता नहीं बनाया, लेकिन उनके बेटे खुद इतने सक्षम तो थे ही कि अपना सफर खुद तय कर सवेंâ।

आइए. सबसे पहले उनके सबसे बड़े बेटे हरिलाल से चर्चा शुरू करें।

हरिलाल गांधी

गांधीजी के सबसे बड़े बेटे हरिलाल मुस्लिम धर्म कुबूल कर चुके थे। गांधीजी की पोती इला दक्षिण अप्रâीका में राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और दस साल से नजरबंद हैं।

हरिलाल गांधीजी के सबसे बड़े बेटे थे। वे अपने तीनों भाइयों की अपेक्षा ज्यादा कुशाग्र बुद्धि माने जाते थे। उनकी अपे पिता से कभी नहीं पटी। हरिलाल यह समझते थे कि उनके पिता ने औपचारिक या स्वूâल-कॉलेज वाली पढ़ाई से उन्हें जानबूझकर वंचित रखा, क्योंकि वे इस पढ़ाई को ढकोसला मानते थे। गांधीजी चाहते थे कि हरिलाल दक्षिण अप्रâीका में ही रहें और उनका आश्रम चलाएं, लेकिन हरिलाल को यह पसंद नहीं था। हरिलाल की पत्नी गुलाब का चार बच्चों को जन्म देने के बाद निधन हो गया। हरिलाल ने शादी की इच्छा जाहिर की। गांधीजी ने कहा कि शादी करना चाहो तो किसी विधवा स्त्री से ही कर सकते हो।

हरिलाल बहुत निराश हुए। वे दारूकुट्टे हो गए। फिर उन्होंने मुस्लिम धर्म अपना लेने की घोषणा की। उन्होंने गांधीजी का बहिष्कार कर दिया। गांधीजी ने घोषणा की कि कोई भी उनके बेटे की मदद न करें। बाद में उन्हें टीबी की बमारी हो गई और १९४९ में वे मर गए।

हरिलाल की चार संतानें थी, बेटी रामी, बेटे कांतिलाल और रसिक तथा सबसे छोटी बेटी मनु।

रामीं ने झंडु दवा कम्पनी के एक अकाउंटेण्ड वुंâवरजी पारेख से शादी की। उनके चार बच्चे हैं : अनुसूया, प्रबोध, नीलम और सुधा। अनुसूया ने मोहन पारेख से शादी की है, जो गुजरात में समाजसेवा के काम में लगे हैं और एटी (एप्रोप्रिएट टेव्नâोलॉजी) में दिलचस्पी रखते हैं। अनुसूया और मोहन पारेख का बेटा राहुल बड़ौदा में पढ़ रहा है। राहुल की बहन केकी का विवाह नरेन्द्र राठौर नामक इंजीनियर से हुआ है। केकी और नरेन्द्र अमेरिका में रहते हैं।

रामी का दूसरा बेटा प्रबोध डॉक्टर है और गुजरात के मोरवी में अपनी बीवी माधवी के साथ रहता है। उनके दो बच्चे हैं, बेटी सोनल परना दी गई है और बेटा पराग अभी पढ़ रहा है।

रामी की तीसरी बेटी नीलम का ब्याह योगेंद्र पारेख से हुआ है। वे गुजरात के बारदोली जिले में एक आश्रम और स्वूâल चलाते हैं। उनका बेटा सुनील डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है।

रामी की सबसे छोटी बेटी सुधा का ब्याह बृजलाल वज्जरिया नामक राजकोट के एक डॉक्टर से हुआ है। उनके बच्चे पारूल और मनीष पढ़ रहे हैं।

गांधीजी के सबसे बड़े बेटे हरिलाल का बड़ा बेटा कांतिलाल था। उनका निधन हाल ही में हुआ है। वे बंबई की सेंचुरी मिल में डॉक्टर थे। मजदूरों के स्वास्थ्य सुधार के लिए उन्होंने काफी काम किया। उन्होंने लोक सेवा ट्रस्ट की स्थाना की। उनकी शादी सरस्वती से हुई थी। उनके दो बेटे हैं- शांतिकुमार और प्रदीप।

शांतिकुमार ने अमेरिका नागरिकता पा ली है। वे वेंâसास स्टेट अस्पताह में ह्रदयरोग विभाग के प्रमुख हैं। उन्होंने अमेरिकी नागरिक सुसान से शादी की है। उनकी चार बेटियां हैं- अंजलि, अनीता, अलका और ऐन।

शांतिकुमार के भाई प्रदीप भी अमेरिका में हैं। वह चार्टर्ड अकाउंटेण्ट हैं। उन्होंने मंगला से शादी की है। उनकी एक बेटी है, जिसका नाम प्रिया है।

गांधीजी का पड़पोता- शांतिकुमार अमेरिका का नागरिक है। वह कसास स्टेट अस्पताह में ह्रदय रोग विभाग के प्रमुख हैं। उनकी पत्नी सुसान जन्म से अमेरिकी है।

गांधीजी के सबसे बड़े बेटे हरिलाल के दूसरे बेटे रसिक की मौत चौदह साल की उम्र में हो गई थी। हरिलाल की सबसे छोटी बेनी बनु का विवाह एक कपड़ा व्यवसायी सुरेन्द्र मशरुवाला से हुआ था। मनु का रिश्ता महाराष्ट्र राज्य बाल विकास परिषद और सूरत के कस्तूरबा सेवाश्रम से रहा है। मनु की बेटी उर्मि डॉक्टर है और अहमदाबाद के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के प्रोपेâसर भूपत देसाई से उनका विवाह हुआ है, उनके दो बच्चे हैं- मृणाल और रेनु।

मणिलाल गांधी

गांधीजी के दूसरे बेटे मणिलाल गांधी ने दक्षिण अप्रâीका में गांधीजी द्वारा शुरू किए गए। आश्रम की देखभाल की थी। गांधीजी से उनके रिश्ते अच्छे रहे। १९५६ में मणिलाल का देहांत हो गया था।

मणिलाल की दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी सीता की शादी शशिकांत घुपेलिया से हुई है। वे दक्षिण अप्रâीका में कपड़े के व्यापारी हैं। सीता का बड़ा बेटा सतीश दक्षिण अप्रâीका में शिक्षक है। सतीश की छोटी बहन उमा दक्षिण अप्रâीका के एक अश्वेद विश्वविद्यालय ‘यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टविले’ में अंग्रेजी साहित्य की प्रोपेâसर हैं। उमा की छोटी बहन कीर्ति ने अभी बीए पास किया है। वह अने माता तिा के साथ दक्षिण अप्रâीका में रहती हैं।

मणिलाल के बेटा अरुण गांधी पत्रकार है। वह १२ साल तक दक्षिण अप्रâीका में रहे हैं। वहां पर उन्होंने अने पिता के साप्ताहिक पत्र ‘इण्डियन ओपीनियन’ को निकालने में मदद की थी। बंबई में उन्होंने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में रिपोर्टर की हैसियत से काम शुरू किया, फिर वे टाइम्स ऑफ इंडिया प्रकाशन के वार्षिक संदर्भ ग्रंथ के संपादक बने। उसे छ़ोडकर ‘इंप्रिंट’ मासिक के संपादक बने। उनकी लिखी किताब ‘मोरारजी पेपर्स’ बहुत चर्चित रही। गत १२ जनवरी, १९८४ को वह एक साल के लिए अमेरिका चले गए।

अरुण गांधी की पत्नी सुंदा बंबई के हरकिशनलाल अस्पताल में नर्स थी। जब अरुण गांधी बंबई आए थे, तब एक ऑपरेशन के सिलसिले में अस्पताह में रहे। तभी उनका प्रेम सुनंदा से हो गया। अरुण गांधी अक्सर विदेशी जीन की पतलून पहनते हैं।

अरुण गांधी के बड़े बेटे तुषार ने हाल ही में प्रिंटिंग तकनीक का कोर्स पूरा किया है, अब वह बंबई में प्रिंटिंग प्रेस खोलने के लिए कर्ज आदि की व्यवस्था कर रहे हैं। तुषार की बहन अर्चना का विवाह हरिकिशोर प्रसाद से हुआ है। हरिकिशोर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर हैं और अमेरिका में हैं। उनके दो बच्चे हैं- परितोष और अनीश।

मणिलाल गांधी की सबसे छोटी बेटी इला अपने पति मेवालाल रामगोविंद के साथ दक्षिण अप्रâीका में रहती हैं। दोनों ही वहां की राजनीति में सक्रिय हैं। मेवालाल सत्रह साल से नजरबंद हैं। इला भी दस साल से नजरबंद हैं। इला के चार बच्चे हैं- केदार, खुश, आशा और आशीष। चारों विद्यार्थीं हैं।

रामदास गांधी

गांधीी के तीसरे बेटे रामदास नागपुर की टाटा तेल मिल में जनरल मैनेजर थे। १९६९ में उनका देहांत हो गया। उनकी पत्नी वर्धा में सेवाग्राम आश्रम में अभी भी रहती हैं। सुमित्रा और उषा नामक दो बेटियां तथा बेटा कनु हैं। सुमित्रा मध्यप्रदेश केडर में भारतीय प्रशासनिक सेवा में थीं। वहां से उन्होंने इस्तीफा दे दिया और राज्यसभा की सदस्य रहीं। उन्होंने गजानन कुलकर्णी से शादी की। श्री कुलकर्मी ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट’ में प्रोपेâसर हैं।

सुमित्रा के दो जुड़वां बेटे हैं- राम और कृष्ण। दोनों दिल्ली में हैं और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। सुमित्रा की बेटी सोनाली अमेरिका में पढ़ रही हैं।

रामदास की दूसरी बेटी उषा की शादी श्री हरीश गोकर्णी से हुई है। हरीश कपड़े के व्यापारी हैं। उनके दो बेटे हैं और आनंद और संजय। आनंद बंबई के प्रसद्धि जसलोक अस्पताह में न्यूरोलॉजी विभाग में डॉक्टर हैं। संजय अमेरिका के लॉवेल विश्वविद्यालय में व्यवसाय प्रबंध की पढ़ाई कर रहे हैं।

रामदास गांधी का एकमात्र बेटा कनु अमेरिका में इंजीनियर है। वह अपने कुटुंब से कटा हुआ सा है।

देवदास गांधी

गांधीजी के सबसे छोटे बेटे देवदास हिन्दुस्तान टाइम्स के संपादक रह चुके हैं। उन्होंने चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य की बिटिया लक्ष्मी से शादी की थी। १९५७ में देवदास की मृत्यु हो गई।

देवदास की एक बेटी और दो बेटे हैं। सबसे बड़ी बेटी है- तारा। तारा अपने पति ज्योति भट्टाचार्य के साथ रोम में रहती है। उनके दो बच्चे हैं सुकन्या और विनय। दोनों पढ़ रहे हैं।

देवदास के बड़े पुत्र राजमोहन ‘हिम्मत’ नामक अंग्रेजी पत्रिका के सांदक हैं। राजमोहन विदेशी कपड़े पहनते हैं। वे इंडियन एक्सप्रेस में नियमित कुछ न कुछ लिखते रहते हैं। उन्होंने राजगोपालाचार्य की जीवनी भी लिखी है। देवास क्षेत्र से लोकसभा के चुनाव में उनकी जमानत जब्त हो चुकी है। अमेरिका परस्त बुद्धिजीवियों में राजमोहन गिने जाते हैं। राजमोहन की पत्नी का नाम उषा है। उनकी बेटी सुप्रिया अभी पढ़ रही है।

देवदास के दूसरे बेटे रामू दिल्ली में रहते हैं। उन्होंने वैंâब्रिज विश्वविद्यालय से पीएचडी की है। फिलहाल वे दिल्ली विश्वविद्यालय में दर्शनाशास्त्र पढ़ाते हैं। उनकी पत्नी इंदु मिरांडा हास में पढ़ाती हैं। उनकी बेटी लीला अभी बढ़ रही है।

-प्रकाश हिन्दुस्तानी
(दिनमान : 5-11 फरवरी 1984)

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