
आखिर फेसबुक को फिर इस बारे में सफाई देनी ही पड़ी कि उसकी प्राइवेसी पॉलिसी में कोई अंतर नहीं किया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि फेसबुक पर शुरूआत करते समय आपने जिस प्राइवेसी नोटिस को स्वीकार किया था, वह बरकरार है। फेसबुक पर पोस्ट की गई आपकी तस्वीरें और अन्य सभी सामग्री आपकी निजी संपत्ति हैं और आप उसे निजी रख सकते हैं। यह आप पर है कि आप उस जानकारी को किसके साथ शेयर करना चाहते हैं या नहीं करना चाहते।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक संदेश में कहा गया था कि आपको एक नोटिसनुमा सूचना कॉपी करके अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट करनी होगी, जिसमें आप अपनी संपूर्ण सामग्री के निजी होने का दावा करते हैं। अगर आप ऐसा नहीं करेंगे, तो आपकी सभी पोस्ट सार्वजनिक मान ली जाएगी और उन्हें कोई भी देख, पढ़ और कॉपी कर सकेगा। उस वायरल पोस्ट के अनुसार अगर आपने वह संदेश साझा नहीं किया, तो आपकी पोस्ट सुरक्षित नहीं रहेगी। अब जाकर फेसबुक ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इसलिए अगर आपने भी इस तरह का कोई संदेश अपने टाइमलाइन पर पोस्ट किया है, तो उसे बेझिझक डिलीट कर दीजिए, क्योंकि उसका कोई मतलब है ही नहीं।
फेसबुक के पुराने यूजर्स जानते हैं, थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद इस तरह के मैसेज फेसबुक पर आने लगते है, जिसमें लोगों को प्राइवेसी के मामले में डराया जाता है। फेसबुक पर आपकी पोस्ट की जाने वाली हर सामग्री के बारे में आप फेसबुक साइन करते वक्त तय कर सकते है कि उसे कौन देख सकेगा और कौन नहीं? जब आप फेसबुक पहली बार साइन करते हैं, तब फेसबुक आपसे पूछता है कि क्या आप उसकी टम्र्स एंड सर्विसेस से एग्री करते है या नहीं। अगर आप उससे एग्री नहीं करते, तो आप फेसबुक यूजर नहीं हो सकते और जब आप एग्री होते हैं, तो इसका मतलब यह होता है कि आपने फेसबुक की सभी शर्तें मान ली हैं।
फेसबुक पर जो वायरल पोस्ट जारी हुआ है, उसमें प्राइवेसी कोड का उल्लंघन करने पर कानून की धारा यूसीसी1-308-1-1 308-123 के अंतर्गत दंडनीय बताया गया है। यह कोड यूनिफॉर्म कमर्शियल कोड है, जो अमेरिका का एक कानून है। इसका सोशल नेटवर्किंग व प्राइवेसी से कोई भी नाता नहीं है। वायरल पोस्ट में दिये गये रोम स्टेट्यूट का भी कॉपीराइट कानून से कोई नाता नहीं है। रोम स्टेट्यूट इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने स्थापित किया है। इन सब कानूनों का सोशल नेटवर्किंग साइट्स और उसकी प्राइवेसी से कोई भी नाता नहीं है।
अगर आपको फेसबुक पर अपने कंटेंट की प्राइवेसी की चिंता है, तो उसे फेसबुक पर ही सेट कर सकते हैं। फेसबुक की सेटिंग में जाकर आप कंटेंट को सेव भी कर सकते है। फेसबुक के दाहिने और सबसे ऊपर कोने में प्राइवेसी सेटिंग की व्यवस्था है।

28 जून से शुरू हुई इस वायरल पोस्ट का भांडा एक दिन में ही फूट गया। फिर भी कई लोगों ने इस अफवाह को सच मानकर प्राइवेसी संदेश को कॉपी पेस्ट कर दिया। इसमें यह संदेश था कि 30 जून के बाद फेसबुक पर पोस्ट की गई सभी सामग्री सार्वजनिक की जाएगी। 30 जून के बाद भी ऐसा कुछ नहीं होने वाला। आपने जो भी फोटो, वीडियो या अन्य कंटेंट कविता, चुटकुला, संस्मरण आदि पोस्ट किया है, वह आपका निजी ही रहेगा।
अब यह बात और है कि फेसबुुक पर आप जो कुछ भी पोस्ट कर रहे है, वह कुछ भी निजी नहीं होता। आपका पूरा व्यक्तित्व आपकी पोस्ट में झलकता है। आप किस तरह की तस्वीरें और कंटेंट पोस्ट करते है, उसे देख और पढ़-समझ कर कोई भी मनोविश्लेषक आपके हालात को समझ सकता है और आपकी मनोदशा की व्याख्या कर सकता है। आप आत्मकोqन्द्रत व्यक्ति है या नहीं, आपका बौद्धिक स्तर क्या है, आपकी पसंद-नापसंद, उम्र, शहर, अभिरूचियां सभी कुछ आपके सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिबिंबित होता है। इसलिए प्राइवेसी की चिंता से बड़ी चिंता यह होनी चाहिए कि आखिर सोशल मीडिया पर आप अपनी कैसी छवि गढ़ रहे है!