Bookmark and Share

rio2

5 अगस्त से शुरू होने वाले ब्राजील के रियो दी जेनेरियो ओलंपिक की सुरक्षा में सोशल मीडिया की मदद ली जा रही है। ओलंपिक शुरू होने के पहले ब्राजील की पुलिस ने आतंकी गतिविधियों में लिप्त 10 लोगों को गिरफ्तार किया। ब्राजील की पुलिस ने अभी इस बात का कोई इशारा नहीं किया कि इनका संबंध किस आतंकवादी ग्रुप से था, लेकिन यह जरूर कहा कि ये लोग ओलंपिक के समय आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले थे। ये लोग एके 47 सप्लाय करने वाले एक गिरोह के संपर्क में थे। 21 अगस्त तक ओलंपिक खेल चलेंगे और तब तक ब्राजील की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में जी जान से जुटी रहेगी। अभी वहां 80 हजार से ज्यादा पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मी तैनात है। ब्राजील की सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था में जुटाए जाने वाले संसाधनों के लिए ढाई करोड़ डॉलर अतिरिक्त रूप से स्वीकृत किए है।

ओलंपिक की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों के साइबर सेल सोशल मीडिया पर निगाहें रखे हुए है। फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप आदि की स्केनिंग की जा रही है और एक-एक संदेश का अर्थ समझने का प्रयास हो रहा है। जो 10 कथित आतंकी पकड़े गए, वे सब वाट्सएप के एक ग्रुप से जुड़े थे। अब कोशिश है कि कोई आतंकी कहीं सोशल मीडिया का उपयोग करके तो संदेशों का आदान-प्रदान नहीं कर रहा। ब्राजील की सरकार और ओलंपिक आयोजन समिति के अधिकारी फेसबुक और ट्विटर के अधिकारियों से भी संपर्क में है और व्यवस्थाएं बनाए रखने में उनकी मदद ले रहे है। उन्हें लगता है कि फेसबुक और ट्विटर के ये अधिकारी यूजर्स के गुप्त संदेशों को समझने में सक्षम हैं।

rio1

फेसबुक और ट्विटर अपने यूजर्स के बारे में तमाम जानकारियों भी इकट्ठी करके सुरक्षित रख रहा है। जिन संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है, उन्हें भी सर्वर पर सुरक्षित रखा जाएगा। यह व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद है कि कोई भी संदेश डिलीट करने के बाद भी सुरक्षाकर्मियों को उपलब्ध हो सकेगा। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों के लिए इस तरह की ट्रेनिंग को अंतिम रूप दिया गया, जिससे वे आतंकी गतिविधि होने के पहले उसे ट्रेक कर सके। इस्लामिक स्टेट से सहानुभूति रखने वालों की भी फेहरिस्त बनाई जा रही है। आम लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होने से ओलंपिक में कोई खतरा नहीं होने वाला। लोग निश्चित होकर ओलंपिक खेलों का मजा लें। ट्विटर और फेसबुक पर बिना पहचान उजागर किए लॉगइन नहीं किया जा सकता। प्रत्येक संदेश देने और लेने वाले के बारे में खुफिया तंत्र को पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी।

ब्राजील पुलिस और ओलंपिक आयोजन समिति के सुरक्षा बलों ने इसके लिए जो अभियान चलाया है, उसका नाम दिया गया है ऑपरेशन हैशटैग। विशेष रूप से प्रशिक्षित अधिकारी इस काम को अंजाम दे रहे है।

rio3

दुनियाभर में बढ़ते आतंकवाद पर रोक लगाने और आतंकियों के आपसी संबंधों को समझने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों ने भी हाल ही में एक विशेष कार्ययोजना बनाई है। व्हॉइट हाउस के प्रवक्ता के अनुसार अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के शीर्षस्थ अधिकारी इस बारे में ट्विटर, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के प्रमुख कार्यकारी अधिकारियों के साथ बैठकें कर चुके है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों का स्पष्ट मत है कि आतंकी गुटों को किसी भी दशा में सूचना प्रौद्योगिकी का फायदा नहीं उठाने देना चाहिए। यूरोपीय यूनियन के देशों में हाल ही में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए है, जिसमें नफरत फैलाने वाले संदेशों को फैलने से रोकने की दिशा में कदम बढ़ाने का फैसला किया गया।

30July2016subah

 

 

30 July 2016

Search

मेरा ब्लॉग

blogerright

मेरी किताबें

  Cover

 buy-now-button-2

buy-now-button-1

 

मेरी पुरानी वेबसाईट

मेरा पता

Prakash Hindustani

FH-159, Scheme No. 54

Vijay Nagar, Indore 452 010 (M.P.) India

Mobile : + 91 9893051400

E:mail : prakashhindustani@gmail.com