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subah20Aug2016भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तरप्रदेश के चुनाव के पहले सभी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर सक्रिय हो जाएं। अगर उन्हें उत्तरप्रदेश में चुनाव का टिकट चाहिए, तो उनके कम से कम 25 हजार फॉलोअर्स या फ्रेंड्स तो होने ही चाहिए। अमित शाह को लगता है कि भाजपा की 2014 की जीत में सोशल मीडिया ने अच्छी भूमिका निभाई थी और सोशल मीडिया की मदद से उत्तरप्रदेश का चुनाव भी उनकी पार्टी जीत सकती है।

भारत में सोशल मीडिया के शहंशाह तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं ही। उनके टि्वटर पर 2 करोड़ 20 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। यह संख्या उनके निजी फॉलोअर्स की है। उनके नाम पर दर्जनों फर्जी अकाउंट भी चल रहे है। जिनके फॉलोअर्स भी बड़ी संख्या में है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय हैं। टि्वटर पर उनके फॉलोअर्स की संख्या भी 26 लाख है। वर्तमान में सभी प्रमुख भाजपा नेता सोशल मीडिया का जमकर उपयोग कर रहे हैं। लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। उनके अलावा नौकरशाह, खिलाड़ी, साहित्यकार फिल्मी हस्तियां, बिजनेस पर्सन, डिप्लोमेट और एक्टिविस्ट भी सोशल मीडिया में जुटे हैं।

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एक आरटीआई के अनुसार मिली जानकारी को सच माने तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करते हैं। उनकी पोस्ट से यह पता नहीं चलता कि वास्तव में उन्हें कौन लिख रहा है और शेयर कर रहा है? सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने में दूसरे नेता इतने सतर्क और सक्रिय नहीं है। अनेक नेता खुद अपने ट्वीट में बार-बार अपने पदनाम का इस्तेमाल करते है, जिससे साफ लगता है कि उन्हें कोई और पोस्ट कर रहा है। कई बार वे अपने नाम के आगे खुद ही आदरणीय और माननीय जैसे शब्द लिख डालते है। इससे उनकी पोस्ट की विश्वसनीयता कम हो जाती है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम से जारी अनेक पोस्ट से भी ऐसा ही आभास होता है कि यह पोस्ट किसी अधिकारी ने लिखी है।

पूर्व मंत्री और भाजपा के अखिल भारतीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं। उनकी सक्रियता इस मायने में उल्लेखनीय है कि अनेक मंत्री और पार्टी पदाधिकारी तो सोशल मीडिया का कखग भी नहीं जानते और उनके नाम पर दूसरे ही लोग पोस्ट करते रहते है। कैलाश विजयवर्गीय किसी भी राष्ट्रीय नेता, शहीद, साहित्यकार, खिलाड़ी, विद्वान आदि के जन्मदिन या निर्वाण दिवस पर नहीं चूकते और अपने ट्वीट भेजते रहते हैं। ट्विटर पर उनके फॉलोअर्स की संख्या करीब 20 हजार हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ट्विटर फॉलोअर्स की संख्या 15 लाख 20 हजार से अधिक है।

मध्यप्रदेश में लगभग सभी नौकरशाह भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी सोशल मीडिया पर देखे जा सकते है। अब मध्यप्रदेश पुलिस ने तय किया है कि अब टि्वटर का उपयोग लोगों की शिकायतें सुनने और हालात को समझने के लिए भी किया जाएगा। आमतौर पर लोगों की शिकायत के लिए टेलीफोन का 100 नंबर और उससे जुड़ी तमाम व्यवस्थाएं मौजूद हैं ही। अब एक एडिशनल डॉयलॉग बॉक्स की तरह मध्यप्रदेश के डीजीपी ने भी आमजन से संवाद करने के लिए टि्वटर पर सक्रिय होने का फैसला किया है और मंगलवार से वे टि्वटर पर भी मौजूद हैं। डीजीपी ऋषि शुक्ला ने यह तय किया है कि इस टि्वटर अकाउंट को वे खुद हैंडल करेंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश के सभी लोगों से गुजारिश की है कि वे अपने विचार और सुझाव सीधे उनके टि्वटर पर ट्वीट करें। डीजीपी इसके पहले अपने विभाग के कर्मचारियों से जुड़ने के लिए भी एक अलग डेस्क शुरू कर चुके हैं। इसका मतलब यह हुआ कि आप ट्विटर को एक ऐसी शिकायत या सुझाव पेटी माने, जिसकी चाभी सीधे डीजीपी के पास है।

20 Aug 2016

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