
अब्दुर रक़ीब इंडियन सेंटर फॉर इस्लामिक फाइनेंस के महासचिव हैं. बरसों से भारत में इस्लामिक बैंकिंग को बढ़ावा देने के अभियान में जुटे हैं। करीब तीन साल पहले मैंने उनका एक इंटरव्यू किया था, उसी के बाद मेरी दिलचस्पी इस्लामिक बैंकिंग में बढ़ी। इन तीन साल में भारत में इस्लामिक बैंकिंग काफी आगे बढ़ी, लेकिन यह कुल बैंकिंग का 1 प्रतिशत भी नहीं है।
इस्लामिक बैंकिंग क्या है : शरीयत के मुताबिक ब्याज़ की कमाई नाजायज़ है और यह बैंक शरीयत कानून के अनुसार काम करता है. यहाँ डिपॉजिट पर ब्याज नहीं मिलता और कर्ज लेने पर भी ब्याज नहीं देना पड़ता। बैंक जिसे भी पैसा देता है, उसकी संपत्ति गिरवी रखने के बजाय उसका हिस्सेदार हो जाता है. मसलन किसान ने बीज-खाद के लिए क़र्ज़ लिया तो फसल आने पर किसान के मुनाफे का हिस्सा उसे मिलेगा। अगर फसल ख़राब हुई तो बैंक अपने हिस्से का घाटा खुद भुगतेगा, किसान की जमीन किसान के पास ही रहेगी।

कहाँ निवेश संभव : शरीयत के अनुसार ही बैंक कर्ज दे सकते हैं, मतलब यह कि इस्लामी बैंक सिनेमा, क्लब, तम्बाकू, शराब के कारोबार, केसिनो खोलने, पोर्क का कारोबार,हथियार कारखानों आदि के लिए कर्ज नहीं देते। यहाँ विजय माल्या जैसे चोरों-हरामखोरों को चवन्नी नहीं मिल सकती, जो सरकारी बैंकों के हजारों करोड़ खाकर मस्ता रहे हैं।
कहाँ हैं इस्लामी बैंक : इस्लामी बैंकों का कारोबार खाड़ी के देशों के अलावा उन देशों में भी हैं जो गैर मुस्लिम, विकसित और औद्योगिक मने जाते हैं, जैसे ब्रिटेन, फ़्रांस, जापान आदि. चीन ने हांग कांग को इसका केंद्र बना रखा है। इसे अलग अलग नाम दिए गए हैं जैसे इन्टरेस्टलेस बैंकिंग, अलटर्नेटिव बैंकिंग, सोशल रेस्पॉन्सिबल बैंकिंग, एथिकल बैंकिंग आदि. मल्टीनेशनल बैंक भी यह कारोबार करते हैं. एचएसबीसी बैंक ने इसके लिए अमाना और सिटीबैंक ने सादिक विंडो नाम दिया है। इन खातों में धन जमा करने पर ब्याज़ नहीं मिलता। इन खाताधारकों को क्रेडिट कार्ड पर कोई ब्याज़ नहीं देना पड़ता।

सुकूक़ (इंफ्रास्ट्रक्चर) फण्ड : 9 / 11 के बाद खाड़ी देशों ने अपना अरबों डॉलर यूएस के बैंकों से निकल लिया है और अब वह इस्लामी बैंकों में पड़ा है, लेवाल बहुत काम हैं। जापान ने अपने बंदरगाह के विकास के लिए इन बैंकों से हजारों करोड़ का कर्ज उठा रखा है. भारत चाहे तो वर्ल्ड बैंक और एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) के बजाय यहाँ से अरबों डॉलर कर्ज लेकर अपनी योजनाओं में शामिल रेलवे, पोर्ट, पावर हाउस प्रोजेक्ट में लगा सकता है. इस्लामिक बैंकों की मदद से छोटे किसानों, बुनकरों और दस्तकारों को धन मुहैया कराया जा सकता है।
दुनियाभर में करीब 500 इस्लामिक बैंक हैं जो 100,000 करोड़ डॉलर का कारोबार करती हैं और यह 2020 तक दो गुना होने के आसार हैं। वह केयरिंग और शेयरिंग, पारदर्शी और मानवीयता के उसूलों के क़रीब है. जब दूसरे देश अरबों डॉलर के व्यापार के लिए आर्थिक उदारीकरण अपनाकर स्वागत कर रहें हैं तो हम इसे क्यों नहीं अपना सकते? बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 में बदलाव किये बिना ही भारत में इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली लागू की जा सकती है। अल्पाधिकार प्राप्त लोगों के लिए एवम् अधिकारहीन और हाशिये के लोगों के लिए इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली वरदान साबित होगी। इस्लामिक बैंकिंग और आर्थिक प्रणाली पूरे इंसानियत के हित में है। इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली के अंगों में मुख्यतया मुदाराभा (speculation), कर्द-ए-हसना (Interest Free Loan), इजारा (Leasing) आदि हैं. लोगों को वैकल्पिक आर्थिक प्रणाली का अध्ययन करना चाहिए जिससे वे जान सकें कि यह मौजूदा बैंकिंग प्रणाली से बेहतर है . यह बैंक लघु उद्योगों को जब व्यापार करने के लिए पैसा देतें हैं तो उनसे ब्याज़ के बजाये सर्विस चार्ज के रूप में एक छोटी सी रक़म लेते हैं, यही नहीं लघु उद्योग जब डूबने लगते हैं तो उनको दिवालिया होने से बचाने का प्राविधान भी इस प्रणाली में है|

अमेरिका और यूरोप के लगभग सभी बैंक और वित्तीय संस्थान इस्लामी बैंकिंग अपना रहे हैं। सेबी से इस्लामी म्यूचुअल फंड लॉन्च करने के लिए अनेक संस्थाओं ने संपर्क किया है। इस कम्पनी का दावा है कि गैर मुसलमानों में भी यह फंड लोकप्रिय होगा। बीएसई-100 में 71 और बीएसई-500 में 366 शेयर ऐसे हैं जो इस्लामी बैंकिंग में बताएगए नियमों पर खरे हैं। कुवैत में एक मलयेशियाई बैंक में 40 फीसदी जमाकर्ता और 60 फीसदी कर्ज लेने वाले गैर मुस्लिम हैं।
खतरे : इस्लामिक बैंकिंग की शुरूआत केरल और जम्मू-कश्मीर में हो चुकी है। इसके कुछ खतरे भी हैं, लेकिन इस बारे में अब्दुर रक़ीब साहब नहीं करते।
24 Jan.2016
07.05 AM
अब्दुर रक़ीब जी का इंटरव्यू : https://www.youtube.com/watch?v=MmqvoaVrCbkis
इंडियन सेंटर फॉर इस्लामिक फाइनेंस की वेबसाइट : http://icif.in/
Indian Centre For Islamic Finance
D-309, Abdul Fazal Enclave Road, Abul Fazal Enclave, Jamia Nagar, Okhla, New Delhi, Delhi 110025 Tel : 011 2994 5946