Bookmark and Share

nano

गूगल की ड्राइवरलेस कार की चर्चा सब जगह है, लेकिन बंगलूरु के रहने वाले डॉ. रोशी जॉन की चर्चा उतनी नहीं हो रही। रोशी जॉन ने अपनी नौकरी के बाद अतिरिक्त समय निकालकर अपने सहयोगियों की मदद से एक नेनो कार को बिना ड्राइवर के चलाकर दिखा दिया। रोशी टीसीएस कोच्चि में कार्य करते हैं और रोबोटिक्स विभाग में चीफ हैं। गूगल के ड्राइवरलेस कार के अभियान के बाद भारत में ऐसे  किसी के निजी प्रयासों से ऐसे प्रयोग में कामयाबी उल्लेखनीय कहीं जाएगी।

nano1

रोशी के मन में ड्राइवरलेस कार बनाने का आइडिया तब आया, जब उन्होंने एयरपोर्ट से टैक्सी बुलवाई, जब वे टैक्सी में बैठे तब रोशी को नींद आ रही थी, लेकिन उन्होंने देखा कि टैक्सी का ड्राइवर उनसे ज्यादा उनींदा हो रहा था। उन्होंने ड्राइवर से कहा कि वह ड्राइविंग सीट से हट जाए और उन्हें गाड़ी चलाने दें। उन्हें लगा कि कोई ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि गाड़ी बिना ड्राइवर के चले।

nano2

रोबोटिक्स के प्रोफेशनल होने के नाते उन्हें महसूस हुआ कि वे ऐसा कोई प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने अपने इस प्रयोग के लिए भारतीय बाजार में उपलब्ध कारों में से किसी एक कार के चयन का फैसला किया। अनेक कारों का अध्ययन करने के बाद उन्हें लगा कि टाटा की नेनो इसके लिए सबसे उपयुक्त कार है। इसका एक कारण यह भी था कि टाटा की नेनो की कीमत अपेक्षाकृत कम है और वे उसे अफोर्ड कर सकते हैं।

टाटा की कार खरीदने के बाद उन्होंने उस पर प्रयोग शुरू किए। सबसे पहले वच्र्युअल सिमुलेशन का काम शुरू हुआ। इसके जरिये यह जांचा गया कि क्या यह प्रयोग संभव भी है या नहीं। सिमुलेशन टेस्ट के बाद जॉन और उनके साथियों ने कार के पीछे कैमरे फीट किए और फिर शहर की सड़कों की स्थिति का अध्ययन किया। उन्होंने यह देखने की कोशिश की कि वे जिस इलाके में यह प्रयोग कर रहे हैं, वह इसके लिए उपयुक्त है या नहीं।

nano3

जब इस प्रोजेक्ट के बारे में उनमें आत्मविश्वास आ गया, तब उन्होंने कलन विधि (Algorithm) का काम शुरू किया। नई नवेली टाटा नेनो में कैमरे, सेंसर्स और एक्युएटर्स फीट किए गए। लक्ष्य यह था कि यह एक ऐसी गाड़ी बनाई जाए, जो बिना ड्राइवर के कम्प्युटर निर्देशों के आधार पर संचालित हो सके। इसे जांचने के लिए उन्होंने शहर के दो हिस्से चुने।

उन्हें इस मामले में दिक्कत का सामना करना पड़ा, जब उन्हें पता चला कि नेनो में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन सिस्टम नहीं है, बल्कि मैन्युअल ट्रांसमिशन सिस्टम है। इससे पार पाने के लिए उन्होंने अपना एक मैन्युअल ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन सिस्टम तैयार किया। इसके बाद एक अलग मॉड्यूलर सिस्टम बनाया गया और उसे नेनो में फीट किया गया। इस सबका मकसद था कि वास्तव में ऐसी कार का परीक्षण सड़क पर किया जा सके।

nano4

रोशी की टीम ने वाहन में जगह-जगह कई कैमरे फीट किए। प्रयोग करते समय रोशी के साथ उनके दो और सहयोगी कार में बैठे। कार की पीछे की सीट पर बैठकर कार के सभी बटन सेट और रिसेट किए गए। कार के इमरजेंसी ब्रेक्स को चेक किया गया कि अगर सिस्टम फेल हो जाए, तो कोई दुर्घटना तो नहीं घटेगी। रोशी की टीम ने ड्राइवरलेस टाटा नेनो परियोजना के लिए लाइनेक्स पर आधारित एक ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार किया। इस प्रोजेक्ट के लिए किसी और से कोई मदद नहीं ली गई, बल्कि खुद की बचत से ही उन्होंने इस परियोजना को पूरा किया। ड्राइवरलेस कार बनाने की परियोजना में बड़ी मात्रा में धन की आवश्यकता पड़ती है। टेसला से लेकर गूगल तक और ऐपल से लेकर किसी और कार्पोरेट तक सबकी रूचि इसमें है। यह इसलिए है कि ऐसी कारों के ग्राहक दुनिया में बड़ी संख्या में है। इसके पीछे कानूूनी दिक्कतें भी कम नहीं है। अगर ड्राइवरलेस कार किसी से भीड़ जाए और कोई जनहानि हो जाए, तो कौन जवाबदार होगा? क्या इसके लिए गाड़ी के पास ही अपना लायसेंस होना चाहिए (न कि ड्राइवर के पास, क्योंकि इस गाड़ी में ड्राइवर होगा ही नहीं)।

nano6

इस गाड़ी को बनाने में रोशी और उनके टीम को पांच साल लगे। उनकी टीम का दावा है कि उन्होंने जो सिस्टम तैयार किए है, वे किसी भी कार में फीट हो सकते है। मतलब कोई भी कार ड्राइवरलेस कार के रूप में आने-जाने का काम कर सकती हैं। अभी इस मामले में और भी नए-नए प्रयोग और जांचें होना बाकी है, लेकिन यह बात कहीं जा सकती है कि भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। भारत के मंगल मिशन की तरह यह मिशन भी अपने आप में अनोखा हैं।

रोशी जॉन का फेसबुक पेज :

 https://www.facebook.com/roshy.john?fref=ts

.....................................................

रोशी जॉन की टाटा नेनो का वीडियो

 https://www.youtube.com/watch?v=5mPanjv50TM

---------------------------------------------------------------------------

मेरे फेसबुक मित्रों के बारे में अन्य लेख यहाँ पढ़ें :

http://www.prakashhindustani.com/index.php/my-fb-friends

 

Search

मेरा ब्लॉग

blogerright

मेरी किताबें

  Cover

 buy-now-button-2

buy-now-button-1

 

मेरी पुरानी वेबसाईट

मेरा पता

Prakash Hindustani

FH-159, Scheme No. 54

Vijay Nagar, Indore 452 010 (M.P.) India

Mobile : + 91 9893051400

E:mail : prakashhindustani@gmail.com