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bobyJindal

भारतीय राजनीति में जिस तरह कभी लालू प्रसाद यादव को मजाक का पात्र बनाया जाता था, लगता है यूएसए में वहीं हाल बॉबी जिंदल का हो रहा है। लुईसियाना के गर्वनर बॉबी जिंदल ने जब से यह घोषणा की है कि वे 2016 में अमेरिकी के राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने जा रहे है, तब से तमाम सोशल वेबसाइट्स पर उनका मजाक उड़ाया जा रहा है। कई अमेरिकियों का मानना है कि वे इसी लायक हैं। आमतौर पर हाथी समुदाय के लोग भारतीय मूल के अमेरिकियों के अंध समर्थक होते है।

अमेरिका के मीडिया का एक वर्ग यह मानता है कि बॉबी जिंदल को भारतीय समुदाय का पूरा समर्थन प्राप्त है, वहीं दूसरी तरफ एक ऐसा वर्ग है जो मानता है कि बॉबी जिंदल भारतीय मूल के नहीं, बल्कि अमेरिकियों से भी ज्यादा अमेरिकी है। अनेक भारतीय मूल के अमेरिकियों का मानना है कि बॉबी जिंदल जब खुद को ही भारतीय मूल का मानने से परहेज करते है तो भारतीय मूल के लोग क्यों उनकी झण्डाबरदारी करें। एक ऐसा आदमी जिसने अपनी जड़ों को सींचना तो दूर, कभी उन्हें सींचने की बात भी सोची नहीं; जो आदमी आप्रवासी अमेरिकियों के खिलाफ बोलता और काम करता रहा हो; जो आदमी न तो हिन्दू हो और न ही हिन्दुुओं के प्रति सहानुभूति रखता हो, ऐसे आदमी के बारे में बहुत सकारात्मक सोचने की जरूरत नहीं है। अमेरिकी मीडिया के एक हिस्से द्वारा किए गए सर्वे के मुताबिक जिंदल को मिलने वाला सपोर्ट जीरो पर्सेन्ट है। इसका मतलब यह कि बॉबी जिंदल की राह दुुर्गमतम है।boby

बॉबी जिंदल अमेरिका में समलैंगिकों के विवाह के विरुद्ध हैं। अमेरिका में निजी हथियार रखने के मामले में भी वे हथियार लॉबी के समर्थक माने जाते हैं। जिंदल जिस लुईसियाना प्रांत के गर्वनर है, उस राज्य मे 2012 के चुनाव में ओबामा की हालत पतली थी। जिंदल ने कारोबार पर लगने वाले टैक्स को कम करने और आयकर को अधिक करने की वकालत की थी, उससे भी मतदाता बहुत खुश नहीं है। इससे विपरित कई लोगों का मत है कि जिंदल अमेरिका के किसी भी राज्य के सबसे ऊर्जावान और सक्रिय गवर्नर है। उनकी उम्र भी कम है और उनका नजरिया पूरे अमेरिका को ध्यान में रखकर कार्य करने का है। जिंदल खुद कहते है कि मैं ‘भारतीय अमेरिकी’ नहीं हूं, न ही मैं ‘एशियाई अमेरिकी’ हूं, न ही मैं ‘कलर्ड अमेरिकी’ हूं। मैं केवल अमेरिकी हूं और यहीं मेरी पहचान है। इसी अमेरिकी पहचान के बूते पर वे 2016 के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी होना चाहते है। अपने नाम का ऐलान करते ही उनकी मुलाकात एक अमेरिकी रेडियो जॉकी से हुई, जो कह रही थी कि बॉबी जिंदल अमेरिकी के अगले रोनॉल्ड रीगन हो सकते है, लेकिन इससे उलटा सोशल मीडिया में हुआ, जब लोगों ने उनका मजाक बनाना शुरू किया।

बॉबी जिंदल को लेकर ट्विटर पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। ज्यादातर प्रतिक्रियाएं एशियाई मूल के भारतीयों की ही थी। सबसे तीखी टिप्पणियां थी- ‘बॉबी जिंदल इज सो व्हॉइट’ हेशटेग से सामने आई। टिप्पणी करने वालों ने लिखा- बॉबी जिंदल इतने सफेद है कि उन्हें लगता है कि वे धूप में ‘टेन’ हुए है।

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बॉबी जिंदल ने ब्राउन यूनिवर्सिटी से डिग्री ली है। इस पर टिप्पणी करते हुए किसी ने लिखा है कि इस विश्वविद्यालय में आकर उन्हें बहुत ज्यादा अच्छा नहीं लगा। शायद उन्हें ब्राउन शब्द से एलर्जी थी। एक ने तो यहां तक लिखा कि बॉबी जिंदल अमेरिकी सिक्के के सिक्के स्वीकार नहीं करते, क्योंकि वे निकल के बने होते है और भारत में भी निकल के ही सिक्के प्रचलन में है। एक अन्य टिप्पणी थी कि जब बॉबी जिंदल छोटे थे तब वे अपनी मां से शिकायत करते थे कि मां आप यह बेडशीट ओढ़ना छोड़ दो, क्योंकि मेरे दोस्त मेरा मजाक उड़ाते है। फेयर एंड हैंडसम क्रीम के विज्ञापन का जिक्र करते हुए किसी ने लिखा कि जल्द ही इस विज्ञापन में शाहरुख खान की जगह बॉबी जिंदल नजर आएंगे, क्योंकि उन्हें भी फेयर होने का बहुत चस्का है। बॉबी जिंदल के खानपान की आदतों को लेकर लोगों ने लिखा है कि वे राजमा चावल भी छुरी कांटे से खाते है। किसी ने टिप्पणी की कि वे नाश्ते में डिटर्जेंट खाते हैं। किसी ने लिखा कि वे टाइड प्लस से नहाते है और किसी ने लिखा कि बॉबी जिंदल जेके वाल केयर पुट्टी वापरते है। एक अन्य व्यक्ति ने टिप्पणी की कि बॉबी जिंदल इंडियन रेस्टोरेंट में खाना खाने जाता हैं और कहता है कि यहां का पानी बहुत ही तीखा है (वॉटर इज टू स्पाइसी)। वे नान को फ्लैट ब्रेड कहते है। जब उन्हें चाय पीनी होती है तब वे अंग्रेजी वर्णमाला के टी अक्सर को लिखकर बताते है। हिन्दी को हिन्दू कहते है और उन्होंने अपनी जुबान ऐसे कर ली है कि वे अपने नाम में आया जिंदल शब्द भी नहीं बोल सकते। जब उन्होंने अपने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की घोषणा अपने बच्चों के सामने की तब बच्चों को लगा कि शायद उनके माता-पिता में तलाक होने वाला है।

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बॉबी जिंदल का पूरा नाम पीयूष जिंदल है। उनका कानूनी नाम भी यहीं है। वे लुईसियाना के 55वें गवर्नर हैं। 10 जून 1971 को जन्में बॉबी जिंदल ने बॉयोलाजी में ग्रेजुएशन करने के बाद लोक प्रशासन में उच्च डिग्री हासिल की। ओक्सफोर्ड से राजनीति शास्त्र की पढ़ाई भी उन्होंने की और मैकिन्जी में प्रशिक्षु के तौर पर भी कार्य किया। 2007 में अपने गृह प्रांत लुईसियाना के गवर्नर बने और 2011 में फिर इसी पद पर विजयी हुए। उनका परिवार चंडीगढ़ से अमेरिका जाकर बसा था। वहीं बॉबी जिंदल का जन्म हुआ। बॉबी जिंदल के परिवार ने बाद में हिन्दू से कैथोलिक धर्म अपना लिया।

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